RBI ने, Oct 2021 मैं, अचानक क्यों किया, auto debit payments मैं बड़ा बदलाव ?

Auto debit payments, एक स्वचालित भुगतान प्रक्रिया है, जिसकी शुरुआत, 1964 मैं, UK से हुई थी, परन्तु बर्ष 2010 के बाद, जैसे जैसे भारत मैं, डिजिटलाइज़शन बढ़ा, भारत मैं भी, इसे खासा प्रयोग मैं लाया जाने लगा, विलासिताओं के बढ़ते बाजार मैं, तमाम घरेलू संसाधनों या, गैजेट्स आदि को खरीदने मैं, Auto debit के नयी क्रांति के तौर पर उभरा, इसका सबसे बड़ा फायदा, LIC जैसी, उन निवेशीय कंपनियों को हुआ, जिनमें बीमा की क़िस्त वसूलने के लिए, बीमा एजेंट, ग्राहकों के लगातार चक्कर लगाते थे, Car loan या Home loan लेने वाले ग्राहक, अपनी Emi का, भुगतान करने के लिए, बैंक शाखाओं मैं, लम्बी लम्बी लाइनें लगाकर, अपने लोन की, EMI चुकाते थे

लेकिन Auto debit भुगतान के, आने के बाद, ये समस्याएँ, जड़ से ख़त्म हो गईं, लेकिन कोई भी नियम हमेशा लाभकारी सिद्ध हो, ये संभव नहीं, इस कारण अब Auto debit payments मैं, कई खामियाँ आने लगी हैं, सुरक्षा के लिए बनाई गई ये प्रणाली, अभी बहुत छोटे Level पर ही सही, ग्राहकों को, कई नुक्सान पहुंचा रही, तो यहाँ पर ये समझना जरुरी होगा, कि Oct 2021 मैं, Rbi ने Auto debit payments मैं, अचानक कोई बदलाव नहीं किये, बल्कि Rbi इस पर, पिछले 1.5 साल से, Research कर रही थी

क्योंकि बर्ष 2014 मैं, प्रजातंत्र मैं हुए बड़े बदलाव, के कारण, देश का, हर एक विभाग, संस्था ने अपने विभाग के कामों को, बेहद संजीदगी से लेना, शुरू कर दिया है, इस कारण देश की, ख़ुफ़िया एजेंसियों से लेकर, बड़े बड़े महत्त्वपूर्ण संस्थान भी, छोटी से छोटी बातों को भी, अत्यंत सावधानी पूर्वक, लेते हैं

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मुख्य हैडिंग पढ़ें

बदलाव

Oct 2021 मैं, Auto debit payments मैं हुए बदलाव

1 Oct 2021 मैं, Rbi द्वारा बनाये गए, नए नियम के अंतर्गत, कोई भी बैंक, प्राइवेट या सरकारी कंपनी,अथवा संस्था, आपके खाते से, 5000 रुपये, या उससे ऊपर की रकम, अब अचानक से, नहीं काट सकेगी, क्योंकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने, ऐसी व्यवस्था बना दी है, कि 5000 रुपये या उससे ऊपर के, ऑटो डेबिट ट्रांजैक्शन, के लिए, हर बार, ग्राहक द्वारा मंजूरी लेना अनिवार्य होगा,

क्योंकि विगत 2 वर्षों से, ऐसा देखने मैं आया था, कि ये बैंकें, Ott Platform, Software या इंस्टीट्यूशनल संस्थाएं, जो पहले भुगतान के बाद ही, ग्राहक से अगले माह, या अगले बर्ष के, भुगतान के लिए, Auto debit agreement पर, ग्राहक स्वीकृति, प्राप्त कर लेते थे, और अगली बार, ग्राहक से बिना पूंछे, उनके खाते से, स्वतः Emi या subscription शुल्क, निकाल लेते थे, ऐसे सभी बैंकिंग, नॉन बैंकिंग, Ott Platform, सरकारी या निजी संस्थाओं पर, कड़ी कार्यवाही करते हुए, Rbi ने हिदायत दी है, कि 1अक्टूबर 2021 से, ऐसे सभी भुगतानों को, हर बार, ग्राहक मंजूरी, अनिवार्य होगी

नुक्सान

क्या नुक्सान हो रहे थे, Auto debit payments से ?

लॉकडाउन की शुरुआत से, ऐसे भुगतानों पर, RBI की कड़ी नजर थी, और एक बड़ा शोध, कर रही थी, Auto debit payments की इस प्रक्रिया मैं, देखने मैं आया, विश्व्यापी महामारी मैं, लोगों के काम धंधे चौपट हो गए, विगत समय मैं, आर्थिक स्थिति, ठीक न होने के कारण, ग्राहकों के खातों मैं, पैसे की, कमी थी, ये बात जानने के बावजूद भी, बड़ी बड़ी बैंकों या संस्थानों ने, देश के नागरिकों के प्रति, निर्दयता दिखाते हुए, लगातार उनके खातों मैं, Electronic Auto debit Attempt किये, इससे भुगतान लेने वाली बैंक, और भुगतान देने वाली बैंको ने, दोनों तरफ से, ग्राहकों पर Bouncing charge लगा लगा कर, ग्राहकों को बार बार लूटा, इसके अलावा और भी नुक्सान हैं, जैसे :

व्यापारियों के नुक़सान

कुछ व्यापारी वर्ग, अपने ऑफिसों मैं, व्यापार से सम्बंधित, कई प्रकार के सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करते हैं, अत्यंत महंगे सॉफ्टवेयर होने के कारण, इन्हें लाखों रूपये की, सालाना सदस्यता शुल्क पर, लिया जाता है, Corona काल मैं, जहाँ एक ओर, सारे ऑफिस बंद थे, ऐसे मैं भी, Pre Permission Law के अंतर्गत, ऐसी कंपनियों ने, उन व्यापारियों के खाते से, पैसा निकाल लिया,

अभिभावकों के नुक़सान

वहीं दूसरी ओर, लॉकडाउन मैं जब, स्कूल / कॉलेज बंद हो गए, तो अभिभावकों द्वारा अपने बच्चों को, व्यस्त रखने एवं विशेष प्रकार की, Online शिक्षा प्राप्त करने के लिए, कई प्रकार के, Online educational Course की सदस्यता खरीदी, अब जब स्कूल / कॉलेज खुल गए हैं, बच्चों ने स्कूल जाना शुरू कर दिया है, और कोर्सों के प्रति रुचि बंद कर दी है, यहाँ तक कि अब वो, उन संस्थानों की Class’s भी Attend नहीं कर रहे, ऐसे मैं भी, ये Online educational संस्थान, उनके खाते से, पैसा निकाल रहे हैं, क्योंकि इन्हौनेभी , Next Year subscription plan पर, Tick कर दिया था

इतना ही नहीं, कई प्रकार की, मनोरंजक या Gaming App, एवं Ott Platform, निवेश कंपनियां, ये सभी ऐसा करते हैं, पहली खरीद के बाद ही, ये अगले माह या अगले बर्ष के लिए, Auto debit payments के sign पर, Click करवा लेती हैं, इसका सबसे बड़ा फायदा इन्ही कंपनियों को होता है, क्योंकि व्यस्तता से भरे इस जीवन मैं, ग्राहक के, खून पसीने की कमाई का, एक हिस्सा, इनके खाते से कट तो जाता है, पर कभी कभी ये, उन उत्पादों को भूल जाते हैं, उनका प्रयोग ही नहीं करते, और भुगतान भी हो जाता है,

युवाओं के नुक़सान

Corona काल मैं, सिर्फ भारत मैं ही, लगभग 4 लाख से अधिक, परिवारों ने, अपनों को खोया है, विश्वास मानिये उनमें से कई लोगों के साथ, ऐसा हुआ है, उनके खाते से, Emi / निवेश / Ott platform / Educational / Entertainment / कई प्रकार के Online सदस्यता शुल्क काट लिए गए, और आपको तो पता ही होगा, ये शुल्क अगले बर्ष के लिए, काटे जाते हैं

फायदा

इन्ही समस्याओं को, मद्देनजर रखते हुए, 1 Oct 2021 से, कोई भी बैंक, App/ प्राइवेट या सकरारी संस्था, 5000 ₹ से अधिक के, भुगतान के लिए, पहले ग्राहक से स्वीकृति प्रदान करेगी, इसके लिए ग्राहक के, रेजिस्टर्ड फ़ोन नंबर पर, भुगतान का लिंक या रजिस्टर्ड Mail ID पर मेल, अथवा Otp भेजा जायेगा, यदि ग्राहक की इक्षा होगी, वो अपने Auto debit payments को, करना चाहेगा, तो ऐसे संस्थानों को स्वीकृति देगा, अथवा मना कर देगा, इसका सबसे बड़ा फायदा होगा, ग्राहक जागरूकता, यानी कि आपकी मेहनत का, एक एक रुपया, आपकी जानकारी मैं खर्च होगा, बड़े बड़े एक्सपर्ट का मानना है, कि आर बी आई ने ऐसा करके, ग्राहकों को, बड़ी मुश्किलों से बचाया है, Rbi ने, इस व्यवस्था का नाम AFA दिया है

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