The best bank for home loan 2021

Citifinance The best bank for home loan 2021
The best bank for home loan

Which is the best bank for home loan interest rate ?

The best bank for home loan, भारत मैं प्राय होम लोन देने वाले 50 से अधिक, बैंकिंग और नॉन बैंकिंग संस्थान हैं, इन सभी की ब्याज दरें अलग अलग हैं, जोकि ऋणदाता के दिशा निर्देशों पर आधारित हैं, होम लोन देते समय, ये संस्थान ग्राहकों की योग्यता के हिसाब से निर्धारित करते हैं , वैसे तो, ग्राहक को अपना होम लोन किसी सरकारी बैंक से ही लेने चाहिए, किन्तु सरकारी बैंको की कार्य प्रणाली, एवं कागजी कार्यवाही, पूरा करना, थोड़ा कठिन कार्य है, क्योंकि सरकारी संस्थान, अपने धन पूरी की सुरक्षा, और ग्राहक योग्यता पर अधिक ध्यान दिया जाता है, नीचे के लेख मैं, सभी बैंकों और नॉन बैंकिंग प्रणालियों की ब्याज दरें ध्यान से पढ़ें…

बैंकिंग संस्थानों की ब्याज दरें

BankInterestProcessingTime₹ Per lakh
Bajaj6.90% 0.80%20 वर्ष तक₹ 829 प्रति लाख
Federal 7.65%0.50%30 वर्ष तक₹ 709 प्रति लाख
Tata 6.90%0.5% + GST30 वर्ष तक₹ 808 प्रति लाख
IIFL 8.45%1.75% 30 वर्ष तक₹ 765 प्रति लाख
DHFL8.75%0.5% 30 वर्ष तक₹ 787 प्रति लाख
India bulls8.99%2%25 वर्ष तक₹ 856 प्रति लाख
LIC6.90%2%30 वर्ष तक₹ 659 प्रति लाख

नॉन बैंकिंग संस्थानों की ब्याज दरें

BankInterestProcessingTime₹ Per lakh
HDFC6.90%0.5%20 वर्ष तक₹ 659 प्रति लाख
ICICI6.90%0.50%  30 वर्ष तक₹ 709 प्रति लाख
BOI6.85%0.25%25 वर्ष तक₹ 783 प्रति लाख
CANARA6.90%0.50%30 वर्ष तक₹ 659 प्रति लाख
CBI6.85% 0.50%30 वर्ष तक₹ 655 प्रति लाख
UBI6.80%2%₹ 651 प्रति लाख
SBI6.90%*0.40%30 वर्ष तक₹ 659 प्रति लाख
BOB6.85%0.25%30 वर्ष तक

कैसे कम करें अपने, होम लोन की ब्याज दरें ?

अधिकतर सभी home loan की ब्याज दरें, बैंकों द्वारा ही निर्धारित की जाती हैं परन्तु इनमें पूरी भूमिका सिर्फ बैंको की नहीं होती, ये ग्राहक की योग्यता पर भी निर्भर करता है, अपनी योग्यता को ससदृढ़ बना कर ही आप अपने होम लोन की ब्याज दरें कम कर सकते हैं, अपनी योग्यता को अच्छा बनाने के बाद ही आप, अपने होम लोन के लिए सबसे अच्छा बैंक चुनें The best bank for home loan , जानिये, कौन कौन सी विशेषताएं, ब्याज दरों को कम करती हैं,

Cibil Score

लोन देते समय,बैंक आपका सिविल स्कोर चेक करती हैं, आपका सिबिल स्कोर अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, पहले की बैंकों के साथ, आपके क्रेडिट सम्बन्ध जितने अच्छे रहे होंगे, आज उतना ही अच्छा आपका सिविल स्कोर होगा, यदि आपका सिविल स्कोर अच्छा होगा, तो बैंकों को, अपने पैसे की वापसी ज्यादा सुरक्षित महसूस होगी, इसलिए कोई भी बैंक, आपको होम लोन देने को तैयार हो जायेगा

Income

क्योंकि आपकी आय ही, आपका ऋण चुकाने का एक मात्र साधन है, इसलिए आपकी आय अधिक होगी, तो बैंक को महसूस होगा, कि आप बैंक से लिया हुआ कर्ज, आसानी से वापिस कर देंगे, हालाँकि बैंक के पास, गिरवी के रूप मैं, आपकी प्रॉपर्टी के पेपर भी होते हैं, परन्तु कोई बैंक या संस्थान किसी विवाद के चक्कर मैं नहीं फंसना चाहते, इसलिए आपकी आय भी आपके लोन की ब्याज दरों को कम करने मैं सहायक है

Amount

बैंक या संस्थानों के लिए, आपके द्वारा ली जाने वाली राशि भी महत्त्वपूर्ण है, आप जितनी अधिक राशि का लोन लेने के लिए, आवेदन करते हैं, बैंक आपकी ब्याज दरों को, उतना अधिक कम कर देता है , और राशि आपकी संपत्ति के मूल्य पर निर्धारित होती है, अधिकतर बैंक आपकी संपत्ति के मूल्य की 80% या 90% राशि ही, होम लोन के लिए आवंटित करती हैं

Age

जब बैंक किसी ग्राहक के होम लोन आवेदन को स्वीकृत करती हैं, तब आपकी आयु का आंकलन भी करती हैं, इन स्थिति मैं आपकी आयु भी महत्त्वपूर्ण होती है, क्योंकि होम लोन लम्बे समय के लिए दिया जाता है, जैसे 20 या साल के लिए, इसलिए
आपकी आयु जितनी कम होगी, बैंक को अपना पैसा, उतना ही सुरक्षित महसूस होगा

Property

क्योंकि बैंक, एक बड़ी धनराशि देने के बदले, आपकी संपत्ति के पेपर गिरवी रखता है, इसलिए आपका फ्लैट जमीन की लोकेशन, वो सरकार द्वारा Approved है या नहीं, समपत्ति पर किसी प्रकार का कोई विवाद, या बकाया तो नहीं है, ये भी देखना बैंक की प्राथमिकता है, इसीलिए आपकी संपत्ति के पूर्ण रूप से सुरक्षित होना अनिवार्य है, और आपके दस्तावेज के शुद्धता के हिसाब से, एवं अपने धन की सुरक्षा की गारेंटी देखते हुए, बैंक आपके होम लोन की ब्याज दरें कम भी करता है

होम लोन मैं ब्याज दरों के प्रकार

फिक्स्ड ब्याज

प्राय बैंक और सभी प्राइवेट संस्थान, दो प्रकार की ब्याज दरों के आधार पर ऋण मुहैया करवाते हैं, पहला फिक्स्ड ब्याज दरें और दूसरा फ्लोटिंग ब्याज दर
फिक्स्ड ब्याज दर – इस स्थिति मैं बैंक अपने ग्राहक को होम लोन देते समय, ब्याज के प्रतिशत और लोन के समय को जोड़ देते, और उसे माह के हिसाब से उतने भागों मैं बाँट देते हैं, क्योंकि इस लोन का कैलकुलेशन सिर्फ एक ही बार किया जाता है, जो आगामी 20 – 30 वर्षों तक फिक्स्ड हो जाता है, इसलिए इसे फिक्स्ड ब्याज दर कहते हैं,

फ्लोटिंग ब्याज

फ्लोटिंग ब्याज दर – इस स्थिति मैं ग्राहक को लाभ या हानि, दोनों होने की संभावना रहती है, क्योंकि ये प्रत्येक वर्ष के ख़त्म, होने के पश्चात, चुकाए गए मूलधन और ब्याज को घटाकर, हर बर्ष कम मूलधन पर कम ब्याज देना पड़ता है, परन्तु भविस्य मैं यदि Rbi द्वारा, ब्याज दरों के रेश्यो मैं कम या ज्यादा का बदलाव होता है, इसका प्रभाव आपके लोन पर भी पड सकता है, rbi रेश्यो कम होने से ज्यादा, बढ़ने की अधिक संभावना बनी रहती है, ब्याज दर का कम या ज्यादा होने के कारण ही इसे, फ्लोरटिंग ब्याज दर कहते हैं,